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चैनल: प्रेम


ब्लॉग्स (6)
संसार में संतों का स्थान सबसे ऊंचा है। मानव ही नहीं देवता भी संतों को अपने से बढकर मानते हैं, किंतु समाज में सच्चे संत दुर्लभ ही हैं। इच्छाओं का अंत हो जाने पर ही मनुष्य संत की श्रेणी में आ सकता है। मीराके मार्गदर्शक,कबीर के समकालीन, धन्ना-पीपा के संगी, ... आगे पढ़ें...

प्रेम पुजा है, उपासना है प्रेम, जगत का आधार ओर स्रस्टि का मुल है प्रेम, जीवो का प्राण ओर जीवन का सार है प्रेम, इसप्रेम के कारण सर्व शक्तिमान प्रभु भी भक्त के वश मे हो जाते है , प्रेम से ही प्रभु भक्तो के दास हो जाते है, मे तो हु भक्तन को दास, भक्त मेरे ... आगे पढ़ें...

वक्त की धुप हो या बारिस, कुछ कदमो के निसान नही खोते, जिन्हे याद करके खुश होती है आंखे, वो लोग दुर होकर भी कभी दुर नही होते / आगे पढ़ें...

अपनी तो जिंदगी ही अजीब कहानी है जिसे चाहा वो ही बेगानी है हसंता हु तो सिफ्र दुनिया को हसाने के लिये वरना इन आंखो मै पानी ही पानी है / आगे पढ़ें...

जब तक स्वार्थ ओर अभिमान है , तब तक किसी के भी साथ प्रेम नही हो सकता / आगे पढ़ें...